शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri) की अष्टमी 17 अक्टूबर और नवमीं 18 अक्टूबर को मनाई जाएगी. 10 अक्टूबर से हुए शुरू नवरात्रि (Navratri) के आखिरी दो दिनों में कन्या पूजन (Kanya Pujan) की परपंरा होती है. कन्या पूजन के लिए सभी घरों में काफी दिनों पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं. अष्टमी (Durga Ashtami) और नवमीं (Durga Navami) वाले दिन कन्याओं को हलवा, पूरी और चने का भोग लगाने के साथ-साथ उन्हें तोहफे और लाल चुनरी उड़ाना भी शुभ माना जाता है. लेकिन यह काम शुभ मुहूर्त (Kanya Pujan Shubh Muhurat) पर हो तब. क्योंकि कलश स्थापना या फिर पूजा विधि की ही तरह कन्या पूजन (Kanya Pujan) का एक सही समय होता है और हर बाद अष्टमी और नवमीं दोनों दिन कन्याओं के पूजन का समय अलग होता है. आप जिस भी दिन माता का पूजन कर रहे हैं, पहले यहां शुभ मुहूर्त देखें और साथ ही जानें कन्याओं को पूजने का सही तरीका.